और व्यभिचार के निकट भी न जाओ, निःसंदेह वह निर्लज्जता और घृणित कर्म है। -कुरआन 17, 32
वेद और धर्म के विषय में ग़लत निकले स्वामी दयानंद जी के अनुमान
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स्वामी दयानन्द जी की शिक्षाओं ने हिन्दू समाज को आन्दोलित किया। उसमें तर्क
के आधार पर सोचने की क्षमता बढ़ी लेकिन आज बाद में पता चला कि उनकी शिक्षाओं
का पाल...