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Sunday, April 24, 2011

तुम सत्य के साथ रहो, अल्लाह तुम्हारे साथ रहेगा और तब तुम्हें कोई भी हरा न पाएगा The Secret Of Victory


1. अल्लाह के सिवा कोई उपास्य नहीं और आस्थावान लोगों को अल्लाह ही पर भरोसा रखना चाहिए। -कुरआन, 64, 13

2. ...और जो कोई अल्लाह पर भरोसा रखता है तो अल्लाह उसके लिए काफ़ी है। निःसंदेह अल्लाह अपना काम पूरा करके रहता है। अल्लाह ने हरेक काम का अन्दाज़ा (मापदंड) निश्चित कर रखा है। -कुरआन, 65, 3

3. और उस ज़िंदा रहने वाले पर भरोसा करो जिसे कभी मौत नहीं आएगी। -कुरआन, 25, 58

4. यदि अल्लाह तुम्हारी मदद करेगा तो कोई तुम से जीत नहीं सकता और यदि वह तुम्हारी मदद न करे तो फिर ऐसा कौन है जो उसके बाद तुम्हारी मदद कर सके ? और आस्थावान लोगों को तो अल्लाह पर ही भरोसा करना चाहिए। -कुरआन, 3, 160

अल्लाह ऐसा नहीं है कि वह अपने लिए संतान बनाए


1. और यहूदी कहते हैं कि उज़ैर अल्लाह का बेटा है और ईसाई कहते हैं कि मसीह अल्लाह का बेटा है, यह उनकी अपने मुंह की बातें हैं, वे उन लोगों की बात की नक़ल कर रहे हैं जिन्होंने उन से पहले इन्कार किया, अल्लाह की मार उन पर, कैसे भटक रहे हैं ? -कुरआन, 9, 30

2. और आप कह दीजिए कि सब स्तुतियां उसी अल्लाह के लिए हैं जो कोई संतान नहीं रखता और न सत्ता में कोई उसका भागीदार है और न कमज़ोरी की की वजह से कोई उसका सहायक है और उसकी महानता का भरपूर बयान कीजिए। -कुरआन, 17, 111

3. परब्रह्म परमेश्वर अल्लाह को शोभित नहीं कि वह अपने लिए संतान बनाए, वह बड़ा महिमावान है वह जब किसी काम को करने का निर्णय करता है तो उसके लिए वह ‘हो जा‘ कहता है सो वह काम हो जाता है। -कुरआन, 19, 35 '

Friday, April 22, 2011

बेशर्मी, व्याभिचार और जुल्म के बारे में अल्लाह का वचन Word of God


1- और व्याभिचार के निकट भी न जाओ निःसंदेह वह निर्लज्जता (बेशर्मी) है और बुरा मार्ग है। -कुरआन 17, 32

2- ऐ रसूल ! आप कह दीजिए कि मेरे रब ने निर्लज्जता की सब बातों को वर्जित (हराम) ठहराया है, चाहे वे खुली हों या छिपी हों और गुनाह को और नाहक़ किसी पर जुल्म को और इस बात को कि किसी ऐसी चीज़ को अल्लाह का साझी ठहराओ जिसकी उसने कोई सनद (पुष्टि) नहीं उतारी और इस बात को कि अल्लाह के विषय में वह बातें कहो जिनका तुम्हें (प्रमाणित रूप से) कोई ज्ञान नहीं है।
               -कुरआन, 7, 33


Thursday, April 21, 2011

अल्लाह के वचन को थोड़े से माल के बदले मत बेच डालो


1. ...और अल्लाह से जो प्रतिज्ञा करो उसे पूरा करो। -कुरआन, 6,153
2. और तुम अल्लाह के वचन को पूरा करो जब आपस में वचन कर लो और सौगंध को पक्का करने के बाद न तोड़ो और तुम अल्लाह को गवाह भी बना चुके हो, निःसंदेह अल्लाह जानता है जो कुछ तुम करते हो। -कुरआन, 16, 91
3. निःसंदेह अल्लाह तुम्हें आदेश देता है कि अमानतें उनके हक़दारों को पहुंचा दो और जब लोगों में फ़ैसला करने लगो तो इंसाफ़ से फ़ैसला करो।
 -कुरआन, 4, 58
4. और तुम लोग अल्लाह के वचन को थोड़े से माल के बदले मत बेच डालो (अर्थात लालच में पड़कर सत्य से विचलित न हुआ करो), निःसंदेह जो अल्लाह के यहां है वही तुम्हारे लिए बहुत अच्छा है यदि समझना चाहो। -कुरआन, 16, 95 

Wednesday, April 20, 2011

प्रतिज्ञा के विषय में अल्लाह की नीति


1. हे आस्तिको ! प्रतिज्ञाओं को पूरा करो।  
              -कुरआन, 5, 1
2. ...और अपनी प्रतिज्ञाओं का पालन करो, निःसंदेह प्रतिज्ञा के विषय में जवाब तलब किया जाएगा।  -कुरआन, 17, 34

Tuesday, April 19, 2011

अल्लाह की क्षमानीति

1. और जिन लोगों ने बुरे काम किए फिर उस के बाद क्षमा याचना कर ली और आस्थावान हो गए तब नि:संदेह तेरा पालनहार उस सच्ची क्षमा के उपरांत मुक्ति देने वाला निरंतर कृपाशील है।
-क़ुरआन, 7 : 153

2. और मैं अपार मुक्ति देने वाला हूँ उसके लिए जो क्षमा याचना करे और आस्थावान बन जाए और भले काम करे , फिर सन्मार्ग पर चलता रहे।
-क़ुरआन, 20 : 82

Monday, April 18, 2011

औरत और मर्द के बारे में अल्लाह की नीति Woman in Quran

सो उनके प्रभु ने उन की प्रार्थना स्वीकार कर ली कि मैं किसी के कर्मों को बर्बाद नहीं करता चाहे पुरुष हो या स्त्री (मेरी नज़र में) तुम सब आपस में बराबर हो ।
क़ुरआन, 3 : 195